वर्तमान युग में शिक्षा-प्रणाली और शिक्षकों की भूमिका

वर्तमान युग में शिक्षा-प्रणाली और शिक्षकों की भूमिका शिक्षक साधारण नहीं होता है, सृजन और प्रलय उसकी गोद में खेलते हैं । आचार्य चाणक्य ने एक नन्हे से बच्चे को…

Continue Reading

गुरुकुलों में समता की शिक्षा

गुरुकुल में अमीर घरों से आये हुए कुछ विद्यार्थियों ने गुरुकुल के संचालक मुनि आत्रेय से पूछा : ‘‘भगवन् ! जो अपने घरों से मनपसंद भोजन और वस्त्र मँगा सकते…

Continue Reading

समस्या बाहर, समाधान भीतर​

समस्या बाहर, समाधान भीतर एक राजा बड़ा सनकी था । एक बार सूर्यग्रहण हुआ तो उसने राजपंडितों से पूछा : ‘‘सूर्यग्रहण क्यों होता है ?’’ पंडित बोले : ‘‘राहु के…

Continue Reading

ऐसे महान बुद्धिमानों की संतानें गुरुकुल में रहती हैं

एक बार शहर के किसी विद्यालय के प्रधानाचार्य विद्यार्थियों को लेकर जंगल के एकांत गुरुकुल में गये । शहर के विद्यार्थियों ने देखा कि ‘बेचारे गुरुकुल के विद्यार्थी धरती पर…

Continue Reading
Close Menu